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बिहार बाढ़: 49 लाख प्रभावित लोगों तक राहत कैसे पहुँचेगी? — अनिल भारती

बिहार बाढ़: 49 लाख प्रभावित लोगों तक राहत कैसे पहुँचेगी? — अनिल भारती
Press Release

बिहार बाढ़: 49 लाख प्रभावित लोगों तक राहत कैसे पहुँचेगी? — अनिल भारती

राष्ट्रीय अध्यक्ष अनिल भारती ने बिहार के 15 जिलों में बाढ़ की विकराल स्थिति पर गंभीर चिंता व्यक्त करते हुए केंद्र एवं राज्य सरकार से 7 बड़ी मांगें रखीं।

राष्ट्रवादी जनता पार्टी के राष्ट्रीय अध्यक्ष अनिल भारती, एडवोकेट ने बिहार में विकराल होती बाढ़ की स्थिति पर गंभीर चिंता व्यक्त करते हुए केंद्र और बिहार सरकार से राहत एवं बचाव अभियान को और तेज करने की मांग की है।

उपलब्ध रिपोर्ट के अनुसार बिहार के 15 जिलों में लगभग 49.36 लाख लोग बाढ़ से प्रभावित बताए गए हैं। प्रभावित जिलों में पटना, भोजपुर, सारण, वैशाली, भागलपुर, बेगूसराय, बक्सर, समस्तीपुर, मुंगेर, कटिहार, लखीसराय, खगड़िया, पूर्णिया, मधेपुरा और अररिया शामिल हैं।

नदियां खतरे के निशान से ऊपर

गंगा, कोसी, बूढ़ी गंडक, पुनपुन, बागमती और घाघरा जैसी प्रमुख नदियां विभिन्न स्थानों पर खतरे के निशान से ऊपर बह रही हैं। भागलपुर के सुल्तानगंज में गंगा का जलस्तर खतरे के निशान से 1.69 मीटर ऊपर दर्ज किया गया।

वाल्मीकिनगर गंडक बैराज से लगभग 1.09 लाख क्यूसेक तथा बीरपुर कोसी बैराज से लगभग 1.63 लाख क्यूसेक पानी के डिस्चार्ज की रिपोर्ट है।

“बिहार में करीब 49 लाख लोगों के प्रभावित होने का आंकड़ा छोटा नहीं है। यह 49 लाख इंसानों की जिंदगी, उनके घर, खेत, पशुधन और भविष्य का सवाल है।”

उन्होंने कहा कि बाढ़ग्रस्त क्षेत्रों में भोजन, स्वच्छ पेयजल, दवा, नाव, पशुचारा, बिजली, शौचालय और सुरक्षित आश्रय को सर्वोच्च प्राथमिकता दी जानी चाहिए।

राष्ट्रवादी जनता पार्टी की 7 बड़ी मांगें

  1. प्रत्येक बाढ़ प्रभावित जिले का जिला-वार वास्तविक सर्वे सार्वजनिक किया जाए।
  2. प्रत्येक प्रखंड और पंचायत में प्रभावित परिवारों की सूची ऑनलाइन जारी हो।
  3. राहत राशि सीधे पात्र परिवारों के बैंक खाते में भेजी जाए।
  4. सामुदायिक रसोई और राहत शिविरों की संख्या बढ़ाई जाए।
  5. बच्चों, महिलाओं, बुजुर्गों और गंभीर मरीजों के लिए विशेष मेडिकल टीम तैनात हो।
  6. किसानों की फसल एवं पशुधन के नुकसान का अलग से सर्वे कर मुआवजा दिया जाए।
  7. राहत वितरण में भ्रष्टाचार या राजनीतिक भेदभाव की शिकायतों की स्वतंत्र जांच हो।

“बाढ़ के पानी में किसी का घर डूबता है तो वह किसी पार्टी का घर नहीं होता — वह बिहार के एक नागरिक का घर होता है। आपदा के समय राजनीति नहीं, इंसानियत सबसे ऊपर होनी चाहिए।”

अनिल भारती, एडवोकेट
राष्ट्रीय अध्यक्ष, राष्ट्रवादी जनता पार्टी, नई दिल्ली