दिल्ली को शराब और नशे का बाजार क्यों बनाया जा रहा है? — अनिल भारती
मलिन बस्तियों के बच्चों का भविष्य बचाने और नशे के कारोबार पर लगाम लगाने की मांग; दिल्ली सरकार से 10 प्रमुख मांगें।
नई दिल्ली, 11 सितंबर 2026। राष्ट्रवादी जनता पार्टी के संस्थापक एवं राष्ट्रीय अध्यक्ष अनिल भारती, एडवोकेट ने दिल्ली में शराब की उपलब्धता और गरीब एवं मलिन बस्तियों में बढ़ती नशे की समस्या को लेकर दिल्ली सरकार पर तीखा हमला बोला है।
उन्होंने कहा कि उपलब्ध रिपोर्टों के अनुसार दिल्ली में करीब 810 शराब वेंड हैं। मार्च 2026 में होली के दिन भी दिल्ली के सभी 810 शराब वेंड खुले रखने का निर्णय सामने आया था।
“सरकार की प्राथमिकता राजस्व है या दिल्ली के युवाओं का भविष्य?”
मलिन बस्तियों में नशे पर सरकार श्वेतपत्र जारी करे
पार्टी ने मांग की कि दिल्ली सरकार प्रत्येक विधानसभा क्षेत्र और विशेष रूप से मलिन बस्तियों, पुनर्वास कॉलोनियों तथा मजदूर बस्तियों में नशीले पदार्थों के खिलाफ की गई कार्रवाई का विस्तृत आंकड़ा सार्वजनिक करे।
“शराब की दुकान के बाहर ग्राहक दिखाई देना सरकार की उपलब्धि नहीं है; गरीब बस्ती के बच्चे स्कूल जाते दिखाई दें — यह सरकार की उपलब्धि होगी।”
सरकार से 10 प्रमुख मांगें
- दिल्ली में शराब वेंड की वार्डवार और विधानसभा-वार संख्या सार्वजनिक की जाए।
- पिछले दो वर्षों में खुले/बंद हुए शराब वेंड का पूरा डेटा वेबसाइट पर डाला जाए।
- मलिन बस्तियों में ड्रग्स एवं नशीले पदार्थों के खिलाफ विशेष अभियान चलाया जाए।
- बड़े ड्रग सप्लायरों और तस्करी नेटवर्क के खिलाफ स्पेशल टास्क फोर्स स्तर की कार्रवाई हो।
- स्कूल-कॉलेजों के आसपास नशीले पदार्थों की बिक्री पर जीरो टॉलरेंस लागू हो।
- नशे की गिरफ्त में आए युवाओं के लिए सरकारी नशामुक्ति एवं पुनर्वास केंद्र बढ़ाए जाएं।
- गरीब परिवारों के बच्चों के लिए शिक्षा, खेल और रोजगार के अवसर बढ़ाए जाएं।
- शराब से मिलने वाले राजस्व और उससे जुड़े स्वास्थ्य एवं सामाजिक नुकसान का सार्वजनिक आकलन कराया जाए।
- सरकार विधानसभा में “दिल्ली नशामुक्ति श्वेतपत्र” पेश करे।
- जनता को स्पष्ट बताया जाए कि सरकार की शराब नीति का लक्ष्य राजस्व बढ़ाना है या खपत नियंत्रित करना।
अनिल भारती, एडवोकेट
संस्थापक एवं राष्ट्रीय अध्यक्ष, राष्ट्रवादी जनता पार्टी